प्यारे  बचपन फ़िर  एक बार |


तट पर  टकराती लहरों पर,
आते जाते इन पहरों पर,
बचपन की हंसी हिलोरों पर,
मुस्काती हुई कलोललो पर।


दादी नानी के किस्सों से ,
मेरी यादों  के हिस्सों से ,
मन के उन गहन रहस्यों से,
उन निश्चलता के रस्तों से ,


आ जा प्यारे बचपन फिर एक बार 

चंदा मामा की सपनीली  रातों से ,
 तुतलाती हँसती बातों से ,
 चंचल मन की गहराई से ,
माँ से फिर करी ढिठाई से  । |


आ जा प्यारे बचपन फिर एक बार

नन्हे -नन्हे उन क़दमों पर,
हँसते मुस्काते अधरो पर ,
गीले -गीले उन नयनों पर ,
 भोले -भाले उन  सपनो पर  |


आ जा प्यारे बचपन फिर एक बार

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